गुरुवार, 25 मई 2017

गुरुदेव नरेन्द्र धड़कन पर लिखी मेरी ये पंक्तियाँ :कवि शिव il

आपको समर्पित मेरी ये पंक्तियाँ :-

उसके चेहरे पर रौब दिखाई देता है !
वो दुश्मन को खुद खौफ दिखाई देता है !
न समता उसकी कभी किसी से हो सकती !
वो सागर है खुद मौज दिखाई देता है !

कवि शिव इलाहाबादी 'यश'
कवि एवं लेखक
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