गुरुवार, 30 नवंबर 2017

Main batata raha tum chhupane lagi: kavi shiv allahabadi

आप सभी को समर्पित प्रेम पर चंद पंक्तियाँ :-

मैं बताता रहा तुम छुपाने  लगी ,
इस तरह कुछ मोहब्बत निभाने लगी !
राधिका के समर्पण की तस्वीर बन ,
चैन की मेरी बंशी चुराने  लगी !

कवि शिव इलाहाबादी ’यश’
कवि एवं लेखक
Mob-7398328084
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गुरुवार, 23 नवंबर 2017

चाँद से चेहरे को समर्पित: कवि शिव इलाहाबादी

किसी चाँद से चेहरे को समर्पित :-

ऐ चाँद तेरा दीदार  करूँ तो,
कैसे ये बतला मुझको !

हर सुबह इसी उम्मीद में हो,
कब शाम ढले और तू आये !

कवि शिव इलाहाबादी
मोब.7398328084