गुरुवार, 29 जून 2017

एक सपा नेता द्वारा सेना के जवानो पर बलात्कार का आरोप लगाने पर जनता की आवाज को दर्शाती मेरी ये पंक्तियाँ :-

सेना के जवानो पर बलात्कार का आरोप लगाने वाले एक सपा नेता के खिलाफ जनता की आवाज को प्रदर्शित करती मेरी ये पंक्तियाँ:-

जहरीले इक सर्प ने फिर
आज दिया फुफकार !

सेना पर कर विष वमन,
किया है फिर प्रतिकार !

इसके फन को दो कुचल,
और लो दाँत निकाल !

फिर भी फुफकारे अगर,
खींच लो इसकी खाल !


कवि शिव इलाहाबादी 'यश'
कवि एवं लेखक
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